तुमको हमारी याद कभी क्यू नहीं आती
हमको तुम्हारी याद भुलाई नहीं जाती
मुद्दत हुई देखी नहीं सूरत तेरी हमने
तूने भी न की याद न भेजी कोई पाती
सारी उमर तो काट दी हमने अंधेरो में
हमको न मिला कोई दिया और न बाती
गुलशन को संवारा था बहुत फिक्र से हमने
था इंतज़ार हमको ,बहार क्यों नहीं आती
अशोक जौहरी
हमको तुम्हारी याद भुलाई नहीं जाती
मुद्दत हुई देखी नहीं सूरत तेरी हमने
तूने भी न की याद न भेजी कोई पाती
सारी उमर तो काट दी हमने अंधेरो में
हमको न मिला कोई दिया और न बाती
गुलशन को संवारा था बहुत फिक्र से हमने
था इंतज़ार हमको ,बहार क्यों नहीं आती
अशोक जौहरी
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