कुदरत ने कुछ छीन लिया
तो कुछ हमको बख्शा है
जो छीन लिया वो दर्द मेरा
उसको तो हमको जीना है
जो बख्शा है वो कम तो नहीं
आखिर तो हमको जीना है
अशोक जौहरी
तो कुछ हमको बख्शा है
जो छीन लिया वो दर्द मेरा
उसको तो हमको जीना है
जो बख्शा है वो कम तो नहीं
आखिर तो हमको जीना है
अशोक जौहरी
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