प्यार तो है
मेरी मंज़िल तू नहीं तो न सही
इस भटकती रूह कि पनाह तो है
प्यार पहला मै तेरा जो नहीं तो न सही
ज़िंदगी कि डगर में तू मेरी हमराह तो है
उम्र भर तरपा किया जिस प्यार कि खातिर
तू नहीं वह प्यार पर प्यार तो है
कितनी राते साथ रह कर भी जुदा हमने बिताई
फिर भी हर शै हमे तेरा ,तुझे मेरा इंतज़ार तो है
अशोक जौहरी
मेरी मंज़िल तू नहीं तो न सही
इस भटकती रूह कि पनाह तो है
प्यार पहला मै तेरा जो नहीं तो न सही
ज़िंदगी कि डगर में तू मेरी हमराह तो है
उम्र भर तरपा किया जिस प्यार कि खातिर
तू नहीं वह प्यार पर प्यार तो है
कितनी राते साथ रह कर भी जुदा हमने बिताई
फिर भी हर शै हमे तेरा ,तुझे मेरा इंतज़ार तो है
अशोक जौहरी
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