गुरु माँ
गुरु माँ गुरु माँ गुरु माँ
तू ही गंगा तू ही जमना
तू ही तो संगम है
तू ही पूजा तू ही अर्चना
तू ही अक्छत चन्दन
तू प्रकाश की अखंड ज्योति है
तू ही ज्ञान की गंगा
अब न शेष अज्ञानी हो गा
ज्ञान कि ऐसी अलख जलाई
लाखो पाओं चल पड़े उस पर
राह जो तूने दिखाई
गुरु माँ गुरु माँ। …।
अशोक जौहरी
गुरु माँ गुरु माँ गुरु माँ
तू ही गंगा तू ही जमना
तू ही तो संगम है
तू ही पूजा तू ही अर्चना
तू ही अक्छत चन्दन
तू प्रकाश की अखंड ज्योति है
तू ही ज्ञान की गंगा
अब न शेष अज्ञानी हो गा
ज्ञान कि ऐसी अलख जलाई
लाखो पाओं चल पड़े उस पर
राह जो तूने दिखाई
गुरु माँ गुरु माँ। …।
अशोक जौहरी
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