बहुत अँधेरा है
कोई दिया तो जलाओ
बहुत अँधेरा है
रात ने दिन
शाम ने सुबह का
अपहरण कर लिया
कोई पता तो लगाओ
बहुत अँधेरा है
चाँद परेशां
तारो में खलबली सी है
धूप कि खोज
बादलों में जारी है
नगर से दूर
टूटा हुआ रथ
मिला सूरज का
कोई पता तो लगाओ
बहुत अँधेरा है
अशोक जौहरी
कोई दिया तो जलाओ
बहुत अँधेरा है
रात ने दिन
शाम ने सुबह का
अपहरण कर लिया
कोई पता तो लगाओ
बहुत अँधेरा है
चाँद परेशां
तारो में खलबली सी है
धूप कि खोज
बादलों में जारी है
नगर से दूर
टूटा हुआ रथ
मिला सूरज का
कोई पता तो लगाओ
बहुत अँधेरा है
अशोक जौहरी
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