राखी धागा प्रेम का
राखी धागा प्रेम का
यह बंधन है नेह का
बहन भाई की प्रीत है
कितनी पवन रीत है
अरमानो के पुष्प संजोए
विश्वासो की महक बिखेरे
बहन लगाए प्यार से
भाई के मस्तक पर रोली
आशीषो से भर दे बहना
भाई के किस्मत कि झोली
अशोक जौहरी
राखी धागा प्रेम का
यह बंधन है नेह का
बहन भाई की प्रीत है
कितनी पवन रीत है
अरमानो के पुष्प संजोए
विश्वासो की महक बिखेरे
बहन लगाए प्यार से
भाई के मस्तक पर रोली
आशीषो से भर दे बहना
भाई के किस्मत कि झोली
अशोक जौहरी
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