ग़ज़ल
जब दर्द हद से गुज़रता है
तो ग़ज़ल होती है
जब अश्क़ आँखों से निकलता है
तो ग़ज़ल होती है
जब दिल में अरमां मचलता है
तो ग़ज़ल होती है
जब हुश्न इश्क़ से मिलता है
तो ग़ज़ल होती है
जब प्यार से छू ले कोई दिल को
तो ग़ज़ल होती है
अशोक जौहरी
जब दर्द हद से गुज़रता है
तो ग़ज़ल होती है
जब अश्क़ आँखों से निकलता है
तो ग़ज़ल होती है
जब दिल में अरमां मचलता है
तो ग़ज़ल होती है
जब हुश्न इश्क़ से मिलता है
तो ग़ज़ल होती है
जब प्यार से छू ले कोई दिल को
तो ग़ज़ल होती है
अशोक जौहरी
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