प्रेम की अनुभूति
तुम्हारे प्रेम की अनुभूति से
जो सुख मिला मुझको
उसी की याद कर
मैं काट दूंगा
ज़िंदगी अपनी
तुम्हारे साथ के दो पल ने
मुझको वह ख़ुशी दे दी
कि जिसकी चाह में
व्याकुल था
सारी उम्र मै अपनी
न होना तुम कभी चिंतित
कि दुःख से दूर हूँ अब मै
तुम्हारे प्यार के दो पल ने
मेरी ज़िंदगी सींची
अशोक जौहरी
तुम्हारे प्रेम की अनुभूति से
जो सुख मिला मुझको
उसी की याद कर
मैं काट दूंगा
ज़िंदगी अपनी
तुम्हारे साथ के दो पल ने
मुझको वह ख़ुशी दे दी
कि जिसकी चाह में
व्याकुल था
सारी उम्र मै अपनी
न होना तुम कभी चिंतित
कि दुःख से दूर हूँ अब मै
तुम्हारे प्यार के दो पल ने
मेरी ज़िंदगी सींची
अशोक जौहरी
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