गाड़ी का धुंआ
गाड़ी के पीछे लिखा था
' गाड़ी का धुंआ समाज का कैंसर है '
और हम ये देख रहे है --
हर गाड़ी वाला धुँए का लाइसेंस सुदा
रजिस्टर्ड प्रोडूसर है
वह रात दिन पूरी लगन और मेहनत से
शहर कि सडक़ो पर धुँआ उगलता घूमता है
लेकिन आप --आप सम्भल जाए
खैरियत इसी में है कि सडक़ पर न जाए
क्योकि आप ही उसके आइडियल कंजुमर है
और फिर कैंसर से बचे
तो दुर्घटनाए -----
उनसे कैसे बच पाए गे
कभी तो उसकी चपेट में आएगे
इसलिए आप संभल जाए
खैरियत इसी में है कि सडक़ पर न जाए
गाड़ी का धुँआ समाज का कैंसर है
और गाड़िया ???
दुर्घटनाओ कि जनक
अशोक जौहरी
28 . 9 . 92
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