तलाश
मैं हर वक़्त हर जगह
तलाश करता हूँ
एक दोस्त
एक साथी
एक यार
एक हमराज़
मिलते है कई एक
किन्तु पल दो पल को ही
कुछ कदम साथ चल कर
कुछ एक मोड़ मुड़ कर
छोड़ देते है साथ
कहते है
वक़्त बदलता है
राहें बदलती है
यार भी बदलने दो
प्यार को न बंधने दो
उसे हर आँख का कमल
हर ओंठ कि कली
हर दिल का गुलाब बनने दो
मेरे दिल के गुलदस्ते में
यादो के कई फूल
अध् मुस्काए मुरझाए पड़े है
और मै इन्हे
जब तब
अपने आँखों के
गमगीन पानी से
सींचता हूँ
ज़िंदगी जीने के बहाने ढूँढता हूँ
ज़िंदगी ढोने के सहारे ढूढ़ता हूँ
अशोक जौहरी
मैं हर वक़्त हर जगह
तलाश करता हूँ
एक दोस्त
एक साथी
एक यार
एक हमराज़
मिलते है कई एक
किन्तु पल दो पल को ही
कुछ कदम साथ चल कर
कुछ एक मोड़ मुड़ कर
छोड़ देते है साथ
कहते है
वक़्त बदलता है
राहें बदलती है
यार भी बदलने दो
प्यार को न बंधने दो
उसे हर आँख का कमल
हर ओंठ कि कली
हर दिल का गुलाब बनने दो
मेरे दिल के गुलदस्ते में
यादो के कई फूल
अध् मुस्काए मुरझाए पड़े है
और मै इन्हे
जब तब
अपने आँखों के
गमगीन पानी से
सींचता हूँ
ज़िंदगी जीने के बहाने ढूँढता हूँ
ज़िंदगी ढोने के सहारे ढूढ़ता हूँ
अशोक जौहरी
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