सूरज निकले न निकले
सूरज निकले न निकले
तुम सबेरे -सबेरे मुझसे मिलती रहो
मेरे गम का अँधेरा युहीं कट जाएगा
चाँद रातों को बदली में छुप जाए तो
प्यार की एक नज़र से मुझे देखना
मेरे दिल में उजेला हो जाएगा
प्यार का ये सफ़र तो रंगीन है
इसमें खुशियां भी हैं
कुछ ग़मगीन है
आओ वादा करे
गम कि राहे हमे न करेगी जुदा
अशोक जौहरी
सूरज निकले न निकले
तुम सबेरे -सबेरे मुझसे मिलती रहो
मेरे गम का अँधेरा युहीं कट जाएगा
चाँद रातों को बदली में छुप जाए तो
प्यार की एक नज़र से मुझे देखना
मेरे दिल में उजेला हो जाएगा
प्यार का ये सफ़र तो रंगीन है
इसमें खुशियां भी हैं
कुछ ग़मगीन है
आओ वादा करे
गम कि राहे हमे न करेगी जुदा
अशोक जौहरी
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