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jauhar
Tuesday, October 12, 2010
आंसू बन जाए
अपनी हमदर्द बाहों में
मुझे घेर कर
प्यारी सपनीली आँखों से
ऐसे न देखो
की मेरे दिल का दर्द
पिघल कर
आंसू बन जाए
प्यार बुजदिल कहलाए .
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