ममता की जो डोर बंधी ,
मेरे तेरे बीच सखी ,
टूट न जाए ।
अंधर आये,
तूफानों में जग घिर जाए ,
अम्बर कांपे ,
धरती डोले,
मेरी तेरी प्रीत न टूटे .
मेरे तेरे बीच सखी ,
टूट न जाए ।
अंधर आये,
तूफानों में जग घिर जाए ,
अम्बर कांपे ,
धरती डोले,
मेरी तेरी प्रीत न टूटे .
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